भारत माता मंदिर

भारत माता मंदिर सहित न्यास द्वारा विचाराधीन समस्त सेवा प्रकल्पो का भूमि-पूजन पूर्व शंकराचार्य भानपुरा पीठ परम श्रद्धेय पूज्यपाद स्वामी सत्यमित्रानन्द जी गिरी, तत्कालीन मा. प्रांत संघचालक श्री कृष्णकुमार जी अष्ठाना, प्रांत कार्यवाह श्री अशोक जी सोहनी के हस्ते सम्पन्न हुआ, जमीन तल से लगभग १०० फीट की ऊँचाई तक इस मंदिर का निर्माण किया गया हैं|

मंदिर के निचले हिस्से पर अखंड भारत का सजीव मानचित्र जिसमे समस्त नदी, पर्वत व प्रमुख धार्मिक स्थलों का उल्लेख हो, आने वाला दर्शनार्थी भारत माता का दर्शन कर राष्ट्र रक्षा का संकल्प ले, यहाँ प्रतिदिन भारत माता की आरती श्रद्धा भाव से हो, यह विचार किया गया, गर्भगृह में मंदिर के चारो और दीवारों पर शक्ति स्वरुप नवदुर्गा के प्रतिक आकर्षण का केंद्र हो, बाहर मंदिर की चारो और परिक्रमा मार्ग मे दोनों तरफ दीवारों पर भारत के राष्ट्र पुरुषों के, शहीदों के सजीव चित्र हो, मंदिर के समक्ष विशाल मंडप जहाँ बैठकर श्रद्धालु सेवाभाव से भारत माता मंदिर एवं आसपास के क्षेत्र मे हरियाली जिससे प्रकृति प्रदत्त श्रध्दाभाव का निर्माण हो इस संकल्प को लेकर मंदिर निर्माण प्रारंभ किया गया|

प्रसिद्ध ज्योतिर्लिग भगवान् महाकालेश्वर मंदिर के समीप सभी जाति, पंथ, संप्रदाय, मतावलम्बियो की आस्था का केंद्र, ऐसे भारत माता का मंदिर भव्य स्वरुप मे निर्माण हो| इस भाव से माधव सेवा न्यास द्वारा भव्य भारत माता मंदिर निर्माण का संकल्प लिया गया, जो 4 जनवरी 2018 को पूर्ण हुआ|